श्रीगणेश चतुर्थी गणेश चतुर्थी अर्थात स्थूल, सूक्ष्म और कारण इन तीनों को सत्ता देनेवाले चैतन्यस्वरूप में विश्रांति पाकर, ‘सोऽहम्’ का
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाइयाँ !!!परात्पर ब्रह्म, निर्गुण-निराकार, पूर्णकाम, सर्वव्यापक, सर्वेश्वर, परमेश्वर, देवेश्वर, विश्वेश्वर…. क्या-क्या कहें… वही निराकार ब्रह्म
पुत्रदा एकादशी के व्रत से पुत्रप्राप्ति युधिष्ठिर बोले : श्रीकृष्ण ! कृपा करके पौष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी का
पाचनतंत्र को दुरुस्त रखने के लिए अपनाएं ये पद्धति शास्त्र कहते हैं : आजकल सभी जगह शादी-पार्टियों में खड़े होकर
गर्भनाल काटने का सही समय ऋषि विज्ञान ऋषियों-महापुरुषों के वचनों पर अध्ययन एवं अन्वेषण कर विज्ञान बहुत ही अचरज व्यक्त
अधिक मास: 18 जुलाई से 16 अगस्त 2023 अधिक मास अधिक मास को 'मल मास' पाप-ताप नाशक या 'पुरुषोत्तम मास'
चतुर्मास में विशेष पठनीय – पुरुष सूक्त     जो चतुर्मास में संध्या के समय भगवान विष्णु के आगे खड़े
सत्संग सत्संग क्या है ? सत्यस्वरूप जो पहले था, अभी है, बाद में रहेगा उसको जानने की रुचि होना यह
श्वासोश्वास की साधना... हर कोई चिंतित है... इन्द्रियों का स्वामी मन है और मन का स्वामी प्राण है । प्राण
भगवन्नाम गर्भस्थ शिशु को गर्भ में अपने अनेक पूर्व जन्मों का स्मरण रहता है । इसलिए हमारे शास्त्रों में गर्भस्थ

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गर्भस्थ शिशु को सुसंस्कारी बनाने तथा उसके उचित पालन-पोषण की जानकारी देने हेतु पूज्य संत श्री आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित महिला उत्थान मंडल द्वारा लोकहितार्थ दिव्य शिशु संस्कार अभियान प्रारंभ किया गया है ।