वैदिक रक्षाबंधन हमारे ऋषियों ने बहुत सूक्ष्मता से विचारा होगा कि मानवीय विकास की सम्भावनाएँ कितनी ऊँची हो सकती हैं
कैसे करें नवजात शिशु में संस्कार सिंचन ? मानव की शिक्षा जन्म से नहीं; बल्कि गर्भावस्था से ही शुरु होती
उत्तरायण सूर्योपासना का महापर्व.... उत्तरायण का पर्व प्राकृतिक नियमों से जुड़ा पर्व है। सूर्य की बारह राशियाँ मानी गयी हैं।
सभी गर्भवती बहनें धनतेरस से लेकर भाईदूज तक इस संदेश को बार-बार विचारें... इन अमृतवचनों का चिंतन करते-करते इसे आत्मसात
वटसावित्री पर्व नारी-सशक्तिकरण का पर्व है, जो को अपने सामर्थ्य की याद दिलाता है। यह आत्मविश्वास व दृढ़ता को बनाये
श्रीमदभगवतगीता का गर्भवती के लिए महत्व... श्लोक उच्चारण का महत्व शास्त्रों में ऐसा वर्णित है और वैज्ञानिकों ने भी इसे
आत्म साक्षात्कार का अर्थ क्या है ? साक्षात्कार का मतलब है पूर्ण विश्रांति, पूर्व है ज्ञान, पूर्ण शांति, पूर्ण उपलब्धि
अद्भुत विद्या प्राप्ति के लिए विद्या लाभ योग 2022 ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वागवादिनी सरस्वती मम जिव्हाग्रे वद वद
आधुनिक विज्ञान ने भी स्वीकारा... हमारे ऋषि-मुनियों ने खोज करके अनादिकाल से यह बताया हुआ है कि बच्चे को गर्भावस्था
'भारतीय शास्त्रीय संगीत' शास्त्रीय संगीत और दूसरे संगीत में क्या फर्क है? योग शास्त्र में कहा जाता है – नाद

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गर्भस्थ शिशु को सुसंस्कारी बनाने तथा उसके उचित पालन-पोषण की जानकारी देने हेतु पूज्य संत श्री आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित महिला उत्थान मंडल द्वारा लोकहितार्थ दिव्य शिशु संस्कार अभियान प्रारंभ किया गया है ।